पितृ पक्ष 2026 स्पेशल: श्राद्ध तिथियां, पंचांग और सभी 12 राशियों का सटीक राशिफल व अचूक उपाय
वर्तमान समय 6 अक्टूबर 2026 का चल रहा है, और सनातन संस्कृति में यह काल पितृ ऋण से मुक्ति और अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस विशेष ब्लॉग पोस्ट में हम जानेंगे कि पितृ पक्ष (श्राद्ध) से जुड़ी सावधानियां, महत्वपूर्ण तिथियां, पंचांग की गणना और आपकी राशि के अनुसार क्या कहते हैं सितारे।
1. श्राद्ध पक्ष और तिथियों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें व सावधानियां
वर्ष 2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 को पूर्णिमा श्राद्ध से हुई थी और इसका समापन 10 अक्टूबर 2026 (सर्वपितृ अमावस्या / महालया अमावस्या) को होने जा रहा है।
आज यानी 6 अक्टूबर 2026 को श्राद्ध पक्ष की एकादशी तिथि चल रही है, जो पितरों की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए बेहद उत्तम मानी गई है।
जरूरी सावधानियां और नियम:
समय का ध्यान रखें: श्राद्ध कर्म हमेशा दोपहर के समय (कुतुप मुहूर्त या अपराह्ह काल, लगभग 11:30 AM से 3:30 PM के बीच) ही करना श्रेष्ठ माना गया है।
सात्विकता अपनाएं: इन दिनों में घर में पूरी तरह सात्विक भोजन रखें। लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा और तामसिक चीजों के सेवन से सख्त परहेज करें।
बाल और दाढ़ी कटवाने से बचें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान बाल, दाढ़ी या नाखून कटवाने की मनाही होती है।
अन्न-जल का अपमान न करें: द्वार पर आए किसी भी जरूरतमंद, भूखे व्यक्ति या गौमाता को खाली हाथ न लौटाएं।
2. पंचांग की मुख्य बातें (वर्तमान संदर्भ: 6 अक्टूबर 2026)
मास एवं वर्ष: आश्विन मास, कृष्ण पक्ष और वर्ष 2026 चल रहा है।
विशेष पर्व: वर्तमान में पितृ पक्ष का अंतिम चरण चल रहा है, जिसके ठीक बाद 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का भव्य शुभारंभ होगा।
दान-पुण्य: इस दौरान तर्पण, पिंडदान, और ब्राह्मण भोजन के साथ-साथ कौवे, कुत्ते और गाय को भोजन का अंश अवश्य देना चाहिए। इससे पितृ दोष शांत होता है।
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