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रविवार, 4 अक्टूबर 2026

पितृ पक्ष 2026 स्पेशल: श्राद्ध तिथियां, पंचांग और सभी 12 राशियों का सटीक राशिफल व अचूक उपाय

​वर्तमान समय 5 अक्टूबर 2026 का चल रहा है, और सनातन संस्कृति में यह काल पितृ ऋण से मुक्ति और अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस विशेष ब्लॉग पोस्ट में हम जानेंगे कि पितृ पक्ष (श्राद्ध) से जुड़ी सावधानियां, महत्वपूर्ण तिथियां, पंचांग की गणना और आपकी राशि के अनुसार क्या कहते हैं सितारे।

​1. श्राद्ध पक्ष और तिथियों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें व सावधानियां

​वर्ष 2026 में पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 को पूर्णिमा श्राद्ध से हुई थी और इसका समापन 10 अक्टूबर 2026 (सर्वपितृ अमावस्या / महालया अमावस्या) को होने जा रहा है।

​आज यानी 5 अक्टूबर 2026 को श्राद्ध पक्ष की दशमी तिथि चल रही है, जो पितरों की शांति और उनके आशीर्वाद प्राप्ति के लिए बेहद उत्तम मानी गई है।

​जरूरी सावधानियां और नियम:

  • ​समय का ध्यान रखें: श्राद्ध कर्म हमेशा दोपहर के समय (कुतुप मुहूर्त या अपराह्ह काल, लगभग 11:30 AM से 3:30 PM के बीच) ही करना श्रेष्ठ माना गया है।
  • ​सात्विकता अपनाएं: इन 15 दिनों तक घर में पूरी तरह सात्विक भोजन रखें। लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा और तामसिक चीजों के सेवन से सख्त परहेज करें।
  • ​बाल और दाढ़ी कटवाने से बचें: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान बाल, दाढ़ी या नाखून कटवाने की मनाही होती है।
  • ​अन्न-जल का अपमान न करें: द्वार पर आए किसी भी जरूरतमंद, भूखे व्यक्ति या गौमाता को खाली हाथ न लौटाएं।

​2. पंचांग की मुख्य बातें (वर्तमान संदर्भ: 5 अक्टूबर 2026)

  • ​मास एवं वर्ष: आश्विन मास, कृष्ण पक्ष और वर्ष 2026 चल रहा है।
  • ​विशेष पर्व: वर्तमान में पितृ पक्ष का अंतिम चरण चल रहा है, जिसके ठीक बाद 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का भव्य शुभारंभ होगा।
  • ​दान-पुण्य: इस दौरान तर्पण, पिंडदान, और ब्राह्मण भोजन के साथ-साथ कौवे, कुत्ते और गाय को भोजन का अंश अवश्य देना चाहिए। इससे पितृ दोष शांत होता है।

​3. सभी 12 राशियों का महाफल और सरल अचूक उपाय (Rashifal 2026)

​नोट: ग्रहों की वर्तमान स्थिति के आधार पर सभी राशियों के लिए यह समय मिले-जुले परिणाम लेकर आ रहा है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए क्या कहता है राशिफल और उपाय:


  • ​मेष राशि: कार्यों में सफलता मिलेगी, लेकिन क्रोध पर नियंत्रण रखें।
    • ​उपाय: जल में थोड़ा सा काला तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • ​वृषभ राशि: आर्थिक मामलों में सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा।
    • ​उपाय: किसी गरीब को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें।
  • ​मिथुन राशि: बौद्धिक कार्यों में लाभ होगा। यात्रा के योग बन सकते हैं।
    • ​उपाय: पक्षियों को सात प्रकार का अनाज (सप्तधान्य) डालें।
  • ​कर्क राशि: मानसिक शांति बनी रहेगी। अटके हुए पुराने काम पूरे होंगे।
    • ​उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और काला तिल अर्पित करें।
  • ​सिंह राशि: मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का साथ मिलेगा।
    • ​उपाय: तांबे के लोटे से सूर्य को जल दें और गायत्री मंत्र का जाप करें।
  • ​कन्या राशि: निवेश से लाभ हो सकता है। सेहत का विशेष ध्यान रखें।
    • ​उपाय: जरूरतमंदों को हरी मूंग की दाल या हरे वस्त्र दान करें।
  • ​तुला राशि: दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। साझेदारी के व्यापार में फायदा होगा।
    • ​उपाय: माता लक्ष्मी के मंदिर में सुगंधित इत्र या पुष्प अर्पित करें।
  • ​वृश्चिक राशि: शत्रुओं पर विजय मिलेगी। कानूनी मामलों में राहत मिल सकती है।
    • ​उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और सुंदरकांड पढ़ें।
  • ​धनु राशि: संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। उच्च शिक्षा के प्रयास सफल होंगे।
    • ​उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • ​मकर राशि: भूमि या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा।
    • ​उपाय: पीपल या शमी के पौधे में जल अर्पित करें।
  • ​कुंभ राशि: पराक्रम बढ़ा हुआ रहेगा। मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा।
    • ​उपाय: किसी अंधे या अपंग व्यक्ति को भोजन कराएं।
    • मीन राशि: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वाणी की मधुरता से बिगड़े काम बनेंगे।
    • ​उपाय: केसर या हल्दी का तिलक अपने माथे पर लगाएं।

​क्या आप जानना चाहते हैं कि आने वाले सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितृ विसर्जन की विधि क्या है?

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

aaj ka Panchang aaj ka rahukaal Aaj Ka Shubh muhurt aaj ka Siddhi Yog

​2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार: आज का पंचांग (एस्ट्रो कमलेश)
​नमस्कार दोस्तों! आपके अपने पसंदीदा ब्लॉग एस्ट्रो कमलेश में आपका हार्दिक स्वागत है।
​सनातन परंपरा में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, यात्रा का योग, पूजा-पाठ या नया निवेश करने से पहले दिन के शुभ और अशुभ समय का ज्ञान होना बेहद जरूरी माना जाता है। सही समय पर किया गया कार्य जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आता है।
​आइए जानते हैं कि आज यानी 2 अक्टूबर 2026, दिन शुक्रवार का पंचांग आपके लिए क्या खास समय और योग लेकर आया है:
​1. आज की तिथि (Tithi)
​तिथि: आश्विन माह, कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि (सप्तमी तिथि का श्राद्ध एवं विशेष पूजन)।
​विशेष महत्व: कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि मां लक्ष्मी और भगवान सूर्यदेव की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज धन, वैभव और सुख-सुविधाओं की प्राप्ति के लिए उत्तम योग बन रहा है।
​2. आज का नक्षत्र (Nakshatra)
​नक्षत्र: मृगशिरा नक्षत्र (Mrigashira Nakshatra)।
​विशेष महत्व: ज्योतिष में मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल देव को माना जाता है। यह नक्षत्र खोज, ऊर्जा, शोध और नए विचारों का प्रतीक है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों से व्यक्ति में उत्साह और ऊर्जा का संचार होता है।
​3. आज का योग (Yog)
​योग: व्यतीपात योग (इसके पश्चात वरीयान योग शुरू होगा)।
​विशेष महत्व: व्यतीपात योग के दौरान नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन इस समय में मंत्र जप, दान-पुण्य और साधना करने से हजार गुना अधिक शुभ फल प्राप्त होता है। दोपहर के बाद वरीयान योग शुरू होगा जो मांगलिक कार्यों के लिए शुभ है।
​4. आज का करण (Karan)
​करण: विष्टि (भद्रा) करण तथा इसके बाद बव करण।
​विशेष महत्व: भद्रा काल के समय शुभ या मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं की जाती है। भद्रा समाप्त होने के बाद बव करण में आप अपने सभी जरूरी और नए कार्य आराम से शुरू कर सकते हैं।
​5. सूर्योदय और सूर्यास्त का समय (Delhi Location)
​सूर्योदय (Sun Rise): सुबह 06:14 AM
​सूर्यास्त (Sun Set): शाम 06:07 PM
​चंद्रोदय (Moon Rise): रात्रि 11:10 PM (लगभग)
​विशेष: सूर्यदेव को जल चढ़ाते समय तांबे के लोटे में थोड़ा सा लाल चंदन और अक्षत (चावल) मिलाकर अर्घ्य दें।
​6. राहु काल का समय (Rahu Kaal)
​राहु काल: सुबह 10:41 AM से दोपहर 12:10 PM तक।
​सावधानी: राहु काल को ज्योतिष में अशुभ माना जाता है। इस समय अवधि के दौरान कोई भी नया बिजनेस शुरू करने, बड़ा वित्तीय निर्णय लेने या नई वस्तु खरीदने से बचें।
​7. आज का शुभ मुहूर्त (Abhijit Muhurat)
​अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:46 AM से 12:34 PM तक।
​अमृत काल: शाम 05:15 PM से 06:50 PM तक।
​महत्व: दिन का सबसे पवित्र समय अभिजीत मुहूर्त होता है। इसमें आप अपने किसी भी जरूरी या शुभ कार्य की शुरुआत कर सकते हैं।
​8. आज का दिशा शूल (Disha Shool)
​दिशा शूल: पश्चिम दिशा (West Direction)।
​उपाय: आज के दिन पश्चिम दिशा की तरफ लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो घर से निकलने से पहले थोड़ा सा दही या मीठा खाकर और अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करके ही प्रस्थान करें।
​🌸 आज का विशेष ज्योतिषीय उपाय (Astro Kamlesh Special)
​आज शुक्रवार का दिन है जो धन की देवी माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित है:
​शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर तिल के तेल का दीपक जलाएं। और घर में कर्पूर
​मां लक्ष्मी को सफेद मिष्ठान (खीर या रसगुल्ला) का भोग लगाएं।
​'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद' मंत्र का कम से कम 21 या 108 बार जाप करें। इससे धन से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर होती हैं।
​💬 ब्लॉग पर अपनी राय दें और दोस्तों के साथ शेयर करें!
​कमेंट करें: आपको एस्ट्रो कमलेश का आज का पंचांग कैसा लगा? अपनी राय या ज्योतिष से जुड़ा कोई भी सवाल नीचे Comment Box में लिखकर हमसे जरूर पूछें!
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​माता लक्ष्मी और भगवान सूर्यदेव का आशीर्वाद आप सभी पर सदैव बना रहे!

​🚩 आज का पंचांग: १२ अक्टूबर २०२६ | Aaj Ka Panchang एस्ट्रो कमलेश

नमस्कार पाठकों! आपके अपने ज्योतिषीय मंच 'एस्ट्रो कमलेश' में आपका हार्दिक स्वागत है। ​सनातन परंपरा में किसी भी नए काम की शुरुआत, पूजा...